अमेरिकी अखवार में भारत की वित्तमंत्री के खिलाफ छपा विज्ञापन

सोचिए किसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति या कोई भी मंत्री भारत की यात्रा पर आए और हमारे किसी अखबार द हिंदू ,इंडियन एक्सप्रेस टाइम्स ऑफ इंडिया हिंदुस्तान टाइम्स किसी के फ्रंट पेज पर यह लिखा दिखाई दे जाए कि यह लोग जो आ रहे हैं वह अपराधी है और पूरा भर पेज दिखा दिया जाए तो क्या करेगा फिर अमेरिका..?

और जो अभी आपने पढ़ा उसका सीधा उलट कर लो कि भारत की मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका गई है कब गई 11 अक्टूबर को यू एस विजिट पर यहां पर वर्ल्ड बैंक आईएमएफ और दुनिया भर के जितने भी वर्ल्ड बैंक के सेंट्रल गवर्नर्स उनकी मीटिंग होने वाली है अमेरिका में उसी को निर्मला सीतारमण जी अटेंड करने गई है यह वहां रुकी हुई थी कि 13 तारीख के दिन वहीं के एक अखबार ने जिस समय सीतारमण जी और आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ उनसे मुलाकात कर रही है बहुत सारे देलिकाशन्स के साथ भी मुलाकात कर रही है उसी समय पर अमेरिका के प्रमुख अखबार wall street journal ने हमारी मंत्री के खिलाफ वांटेड लिख दिया इसका मतलब यह है कि अखबार ने लिखा कि Meet the officials who makes india *An Unsafe Place to Invest * हेड लाइन में लिखा था कि Wanted Modi’s Magnitsky 11 जैसा कि यह लोग किसी अपराधी के लिए जिस प्रकार का शब्द यूज करते हैं वैसा ही शब्द लिखा था इसके साथ हमारी वित्त मंत्री और 11 अन्य अधिकारी के नाम भी लिखे थे और कहा अमेरिकी सरकार को चाहिए इनके खिलाफ कार्रवाई करें क्योंकि यह मोदी के Magnitsky है । अखबार का कहना है कि भारत में इन्वेस्टमेंट करने पर लोगों का पैसा डूब जाता है।

Magnitsky क्या है –
जैसा की आप लोगों को बताया कि अमेरिका खुद को समझता है कि वह दुनिया का सबसे ताकतवर देश है उसकी यह समझ में आता है कि दुनिया में कहीं भी अपराध चल रहा हो या कहीं भी कुछ हुआ हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत उसके पास है इसी के तहत इसने एक बार कारनामा किया क्या कारनामा किया यूएसएसआर के अंदर एक आदमी हुआ करता था जिसका नाम था Magnitsky …

हुआ क्या यह व्यक्ति मास्को के अंदर रसिया के अंदर एक केस के अंदर की उसमें इस व्यक्ति ने यह पता लगा लिया था कि इनके अधिकारी भ्रष्ट है और इनका जो इन्वेस्टमेंट है Magnitsky रसिया के अंदर tax lawyer हुआ करता था और इसको रशियन सरकार ने जेल के अंदर डाल दिया था 2009 के अंदर और उसके बाद इस व्यक्ति की मौत हो गई जेल के अंदर और अमेरिका इस बात को ऐसे देखता है कि यहां पर मानव अधिकार का उल्लंघन हुआ एक लॉयर को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह सरकार के खिलाफ प्रश्न कर रहा था इसलिए अमेरिका ने पूरे दुनिया की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली और एक कानून पारित कर दिया जिसका नाम है Global Magnitsky act of 2016 इसका मतलब यह था कि पूरी दुनिया में अगर कहीं पर भी ऐसा होता है जहां पर भी ह्यूमन राइट्स का ऑफेंस होता हो तो अमेरिका में उन लोगों के पैसों को जप्त कर लिया जाएगा या उन लोगों को अमेरिका में एंट्री करने से बैन कर दिया जाएगा यानी कि जो लोग अमेरिका की नजर में सही के खिलाफ हैं उनके ऊपर इस कानून को एक्टिवेट कर दो और यही है Magnitsky act और इसका उपयोग करके अमेरिका दुनिया भर के अंदर कोई भी व्यक्ति अगर उनकी नजर के हिसाब से काम नहीं कर रहा तो इस एक्ट को पारित करवा देता है।

ऐसी स्थिति में यदि ऐसे कानून लागू कर दिए जाते हैं तो सरकार के द्वारा जो वहां संपत्तियां खरीदी गई हैं उन्हें जब तक कर ली जाती है। ऐसा अफगानिस्तान के साथ हुआ अफगानिस्तान की जो अमेरिका में जो फॉरेक्स है वह अमेरिका ने अभी तक जप्त किया हुआ है।

Leave a Comment